Pradip Machhi

Dard Shayari



1)   दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!

Dil se roye magar honto se muskura beithe,
yunhi hum kisi se wafa nibha beithe,
wo hame ek lamha na de paye apne pyar ka,
aur hum unke liye apni zindagi gawa beithe.

2)   गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके.

Gujarish hamari woh maan na sake,
Majburi hamari woh jaan na sake,
Kehte hain marne ke baad bhi yaad rakhenge,
Jeete ji jo hame pehchan na sake.


3)   प्यार क्या होता है हम नहीं जानते,
ज़िन्दगी को हम अपना नहीं मानते,
गम इतने मील के एहसास नहीं होता,
कोई हमें प्यार करे अब विश्वास नहीं होता.

Pyar kya hota hai hum nahi jante,
Zindagi ko hum apna nahi mante,
Gum itne mile ke ehsaas nahi hota,
Koi hume pyar kare ab vishwas nahi hota.


4)   कशिश तोह बहुत है मेरे प्यार मैं,
लेकिन कोई है पत्थर दिल जो पिघलाता नहीं,
अगर मिले खुद तो माँगूंगी उसको,
सुना है ख़ुदा मरने से पहले मिलते नहीं.

Kashish toh bahut hai mere pyar mai,
Lekin koi hai pathar dil jo pigalta nahi,
Agar mile khuda to mangungi usko,
Suna hai khuda marne se pehle milte nahi.


5)   सुकून अपने दिलका मैंने खो दिया,
खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया,
जो थी मेरे कभी मुस्कराने की वजह,
आज उसकी कमी ने मेरी पलकों को भिगो दिया
.

Sukun apne dilka maine kho diya,
Khud ko tanhai ke samandar mai dubo diya,
Jo thi mere kabhi muskrane ki wajah,
Aaj uski kami ne meri palko ko bhigo diya.


6)   ना मिलता गम तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते,
दुनिया अगर होती चमन तो वीराने कहाँ जाते,
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला,
सभी अगर अपने होते तो बेगाने कहाँ जाते।

Na milataa gam to barabaadi ke afasaane kahaan jaate,
agar duniyaa hoti chaman to viraane kahaan jaate,
chalo achchhaa huaa apano me koi gair to nikalaa,
sabhi agar apane hote to begaane kahaan jaate!


7)   Aap se door ho kar hum jayenge kaha,
Aap jaisa dost hum payenge kaha,
Dil ko kaise bhi sambhal lenge,
Par aankho ke aansu hum chupayege kaha.

आप से दूर हो कर हम जायेंगे कहा,
आप जैसा दोस्त हम पाएंगे कहा,
दिल को कैसे भी संभाल लेंगे,
पर आँखों के आंसू हम छुपायेंगे कहा.


8)   तेरे दिल के करीब आना चाहता हूँ मैं,
तुझको नहीं और अब खोना चाहता हूँ मैं,
अकेले इस तनहाई का दर्द बर्दाश्त नहीं होता,
तू एक बार आजा तुझसे लिपट कर रोना चाहता हूँ मैं..

Tere Dil Ke Kareeb Aana Chahta Hoon Main,
Tujhko Nahi Aur Ab Khona Chahta Hoon Main,
Akele Iss Tanhayi Ka Dard Bardast Nahi Hota,
Tu Ek Bar Aaja Tujhse Lipat Kar Rona Chahta Hoon Main.


9)   उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!

Ulfat ka aksar yahi dastur hota hai.
Jise chaho wahi humse dur keyo hota hai.
Dil tut kar keyo bikharta hai is kadar.
Jaise kanch ka khilauna chur chur hota hai.


10)   हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए..
हम मरते गए उनकी बेरुखी से, और वो हमें आजमाते गए ..
सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना ..
पर हम रोते गए और वो हमें खुशी-खुशी रुलाते गए..!

Pradip Machhi

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